झीलें एवं बावड़ियाँ
“झीलें एवं बावड़ियाँ” – वे ऐतिहासिक झीलें, जलाशय, बावड़ियाँ एवं जल संरचनाएँ, जिनका निर्माण या संरक्षण क्षत्रिय राजाओं एवं रानियों ने किया। यहाँ प्राचीन एवं मध्यकालीन झीलों एवं बावड़ियों का ऐतिहासिक, स्थापत्य एवं सांस्कृतिक वर्णन है – जिनमें सीढ़ीनुमा कुओं (स्टेपवेल) से लेकर कृत्रिम झीलों तक शामिल हैं। इन जल स्रोतों के निर्माण के उद्देश्य, वास्तुशैली, जल प्रबंधन तकनीक को भी शामिल किया गया है।