26.1 C
New Delhi
Sunday, April 12, 2026
More
    Homeइतिहासराजवंशविश्व के प्राचीनतम राजवंश मेवाड़ के युवराज महाराज कुमार विश्वराज सिंह जी...

    विश्व के प्राचीनतम राजवंश मेवाड़ के युवराज महाराज कुमार विश्वराज सिंह जी मेवाड़

    विश्व के प्राचीनतम राजवंश मेवाड़ के युवराज एवं वीरशिरोमणि ,राष्ट्रनायक महाराणा प्रताप के वंशज महाराज कुमार विश्वराज सिंह जी मेवाड़ का जन्म 18 मई 1967 को हुआ । उनके पिता मेवाड़ के 76 वे महाराणा श्री मंत हुजूर महेंद्रसिंह जी मेवाड़ एवं माता टिहरी गढ़वाल की राजकुमारी निरुपमा कुमारी है । महाराज कुमार विश्वराज सिंह जी ने अपनी शिक्षा मेयो कॉलेज अजमेर से की है । वर्तमान में 16 वी विधानसभा के लिए राजस्थान के नाथद्वारा से विधायक चुने गए है ।

    मेवाड़ ने अपने ध्येय वाक्य – ” जो दृढ़ राखे धर्म को तिही राखे करतार “को सदा चरितार्थ किया है ।

    [ मेवाड़ – विश्व प्रसिद्ध मेवाड़ के जौहर और शाके में वीर और वीरांगनाओं के उनका गर्म लहू और उनकी गर्म राख एक चुनौती भरी आवाज आक्रांता को ललकारती थी कि हम जीते जी गुलाम नहीं होंगे। मेवाड़ महाराणा प्रताप के राष्ट्र प्रेम का , सांगा के पराक्रम का , कुम्भा के शौर्य का , रानी पद्मिनी के जौहर का , गौरा – बादल के बलिदान का और क्षत्राणी पन्नाधाय का जिसने राष्ट्र के लिए अपने पुत्र का बलिदान दे दिया। कभी काबुल और कंधार तक फैला, मेवाड़ जिसका कण कण भक्ति, शक्ति और शौर्य कि गाथा अपने मे समेटे हुए, अनगिनत युद्ध, अनगिनत योद्धाओं का बलिदान तो मीरा बाई की भक्ति हजारों वीरांगनाओं के जौहर और शाकाओ का साक्षी रहा मेवाड़। ]

    पिता – विश्व प्रसिद्ध मेवाड़ के महाराणा महेंद्र सिंह मेवाड़ एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं जो लोकसभा में सांसद थे। वह मेवाड़ के महाराणा भगवत सिंहजी के सबसे ज्येष्ठ पुत्र हैं। मेवाड़ में भगवान एकलिंगनाथ जी को मेवाड़ के अधिष्ठाता एवं महाराणा को उनका दीवाण माना जाता है । उदयपुर के महाराणाओं को शासक नहीं बल्कि श्री एकलिंगजी की ओर से राज्य का संरक्षक माना जाता है।

    श्री मंत महाराणा महेंद्रसिंह जी मेवाड़
    Born24 February 1941 (age 82)
    उदयपुर , किंगडम ऑफ मेवाड़ , 
    Spouseमहारानी निरुपमा कुमारी ( प्रिन्सेस ऑफ  टिहरी गढ़वाल )
    Issueप्रिंस विश्वराज सिंह ऑफ मेवाड़
    प्रिन्सेस त्रिविक्रमा कुमारी ऑफ मेवाड़
    Fatherमहाराणा भगवत सिंह जी ( क्राउन प्रिंस ऑफ मेवाड़ )
    Mother राजमाता सुशीला कुमारी ( प्रिन्सेस ऑफ बीकानेर )
    क्षत्रिय संस्कृति

    माता – महाराज कुमार विश्वराज सिंह जी मेवाड़ की माता टिहरी गढ़वाल की राजकुमारी निरुपमा कुमारी है । वे टिहरी गढ़वाल के राजा लेफ्टिनेंट. कर्नल महाराजा मनबेंद्र शाह की पुत्री है ।

    लेफ्टिनेंट. कर्नल महाराजा मनबेंद्र शाह भारत की दूसरी, तीसरी, चौथी, 10वीं, 11वीं, 12वीं, 13वीं और 14वीं लोकसभा के सदस्य थे। उन्होंने उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया और भारतीय जनसंघ और बाद में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राजनीतिक दल में शामिल होने से पहले भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्य थे। वह भाजपा के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले सदस्यों में थे ।

    विवाह

    Image Source – Instagram

    उनका विवाह पंचकोटे राजपरिवार की राजकुमारी महिमा कुमारी और पंचकोटे के जगदीश्वरी प्रसाद सिंह जी देव की बेटी से हुआ है। उनके दो संतान हैं, एक बेटी का नाम बाईसा जयति कुमारी और एक बेटा है जिसका नाम भंवर देवजादित्य सिंह रखा गया है।

    भंवर देवजादित्य सिंह & बाईसा जयति कुमारी

    Image Source – Instagram

    राजनीति

    Image Source – Kshatriya Sanskriti

    मेवाड़ राजपरिवार का 3 दशकों के बाद भारतीय जनता पार्टी में पुनः प्रवेश है। पूर्व में महाराणा महेंद्र सिंह जी भारतीय जनता पार्टी से चित्तोडगढ़ सीट से सांसद रहे थे । वर्तमान में महाराज कुमार विश्वराज सिंह जी नाथद्वारा से विधानसभा का चुनाव कांग्रेस के सी. पी . जोशी के सामने भाजपा के प्रत्याशी के रूप में थे । जिसमे मेवाड़ की जीत हुई ।

    सी. पी. जोशी एक भारतीय राजनीतिज्ञ और नाथद्वारा, राजस्थान से पांच बार विधायक हैं। उनका जन्म राजस्थान के नाथद्वारा में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था और वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्य हैं। वह राजस्थान विधानसभा के निवर्तमान अध्यक्ष हैं। इससे पहले वह 15वीं लोकसभा में भीलवाड़ा से सांसद थे ।   पांच बार के निवर्तमान विधायक और निवर्तमान राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष है ।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मेवाड़

    Image Source – Instagram

    प्रधानमंत्री मोदी को प्रतीक चिन्ह भेट करते हुए मेवाड़

    Image Source – Instagram
    Bhanwar Singh Thada
    Bhanwar Singh Thadahttp://kshatriyasanskriti.com
    Guardian of Kshatriya heritage and warrior traditions. Promoting Rajput history, dharmic values, and the timeless principles of courage, honor, and duty. Dedicated to cultural preservation and inspiring pride in our glorious past.
    RELATED ARTICLES

    2 COMMENTS

    1. भारत के गौरव की रक्षा करने, राष्ट्र की अस्मिता तथा शौर्य परंपरा को बनाए रखने में मेवाड़ राजघराने का योगदान सदैव अमर रहेगा ……. 🚩🚩🚩
      जय श्री एकलिंग नाथ जी की l
      🙏🙏🙏

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here

    LATEST POSTS